➤ बीड़-बिलिंग से उड़े कजाकिस्तान के पैराग्लाइडर रास्ता भटककर लडभड़ोल पहुंचे
➤ खराब मौसम के चलते गोरा गांव के खेतों में करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग
➤ ग्रामीण सहमे, लेकिन दोनों विदेशी पायलट सुरक्षित
मंडी जिले के लडभड़ोल क्षेत्र के गोरा गांव में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अचानक आसमान से दो विदेशी पैराग्लाइडर खेतों में उतरते नजर आए। बीड़-बिलिंग से उड़ान भरने वाले ये पैराग्लाइडर रास्ता भटककर गोरा गांव तक पहुंच गए, जहां उन्हें खराब मौसम के चलते इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
घटना उस समय हुई जब कजाकिस्तान के दो पायलट Alex और Yuvra बीड़-बिलिंग से उड़ान पर थे। उड़ान के दौरान अचानक मौसम ने करवट ले ली। आसमान में घने बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे हवा का रुख भी बदल गया।
खराब मौसम और तेज हवा के कारण दोनों पैराग्लाइडर अपने तय रास्ते से भटक गए और लडभड़ोल तहसील के गोरा क्षेत्र की ओर बहते चले गए। स्थिति को भांपते हुए पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए गांव के समतल खेतों को चुना और वहां सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग की।
अचानक खेतों में पैराग्लाइडर उतरता देख ग्रामीण घबरा गए और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। गांव में यह खबर तेजी से फैल गई और हर कोई इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए पहुंचने लगा। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में दोनों विदेशी पायलट पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ।
बाद में पायलट Alex ने स्थानीय लोगों को बताया कि खराब मौसम के कारण हवा में उड़ान जारी रखना जोखिम भरा हो गया था, इसलिए मजबूरी में उन्हें इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि पैराग्लाइडिंग जैसे साहसिक खेलों में मौसम की भूमिका कितनी अहम होती है और समय रहते लिया गया सही फैसला किसी बड़ी दुर्घटना को टाल सकता है।



